|| पावन वाणी ||
परम पावन अमृत वचन
स्वामी नीलकंठ जी महाराज के जीवनोपयोगी दिव्य आध्यात्मिक संदेश
"सत्य, पवित्रता और अखंड नाम-जप ही इस संसार रूपी भवसागर से पार उतरने की सच्ची नौका है।"
जीवन दर्शन एवं मार्गदर्शन
चित्त को शांत करने एवं आत्मिक उन्नति हेतु गुरु महाराज के सूत्र
साधना
#1
"सत्य, पवित्रता और अखंड नाम-जप ही इस संसार रूपी भवसागर से पार उतरने की सच्ची नौका है।"
सेवा
#2
"दीन-दुखियों, अनाथों और असहायों की निस्वार्थ सेवा ही ईश्वर की सबसे पावन और सच्ची पूजा है।"
धैर्य
#3
"विषमता और कठिन परिस्थितियों में भी अपने चित्त को देवाधिदेव महादेव के समान शांत और अडिग रखो।"
ज्ञान
#4
"जो प्राणी समस्त चराचर जगत में एक ही परमात्मा की चेतना का दर्शन करता है, उसे भय और शोक कभी नहीं व्यापते।"
गुरु निष्ठा
#5
"सद्गुरु के पावन चरणों में अनन्य निष्ठा और समर्पण ही साधक के अंतःकरण में ज्ञान का दिव्य दीप प्रज्वलित करता है।"