पावन घंटी बजाएं
मुख्य तीर्थ स्थल

गोविन्द बाग ओइला आश्रम (मुख्य समाधि धाम)

मानपुर, ग्राम ओइला, मैहर-सतना मुख्य मार्ग, म.प्र. 485771

इतिहास एवं महत्व

महाराज जी के जीवन के संध्याकाल की प्रमुख साधना स्थली। यहीं 'ज्ञान गुदड़ी' में महाराज जी ध्यानमग्न रहते थे। महाशिवरात्रि 8 मार्च 1986 को यहीं महासमाधि हुई।

प्रतिष्ठित विग्रह एवं देवालय

श्री नीलकंठ समाधि मंदिर, अष्टभुजी दुर्गा अष्टधातु प्रतिमा, विशाल लक्ष्मी-नारायण मंदिर, शिव-पार्वती, राम-जानकी, राधा-कृष्ण एवं हनुमान जी देवालय।

सिद्ध गुफा

मां शारदा पुरानी कुटी एवं तपोस्थली

आल्हा तालाब के पश्चिम, मां शारदा पर्वत, मैहर (म.प्र.)

इतिहास एवं महत्व

महाराजा बृजनाथ सिंह के शासनकाल में स्वामी जी यहां पधारे और मां शारदा के सानिध्य में आल्हा तालाब के निकट गुफा में वर्षों तक कठोर तपस्या की।

प्रतिष्ठित विग्रह एवं देवालय

सिद्ध गुफा (पुरानी कुटी), मां शारदा चरण पादुका एवं अखंड धूनी स्थल।

व्याघ्र गुफा एवं नामकरण तीर्थ

रामपुर नीलकंठ धाम

रामपुर पहाड़, नागौद क्षेत्र, जिला सतना (म.प्र.)

इतिहास एवं महत्व

स्वामी जी यहां शेर की गुफा में उसके साथ रहकर तपस्या करते थे। यहीं रात्रि के समय विषधर नाग द्वारा दंश के बाद भी धूनी में निर्विकार समाधिस्थ रहे और 'नीलकंठ' नाम से प्रसिद्ध हुए।

प्रतिष्ठित विग्रह एवं देवालय

गोविन्द सरकार (राधा-कृष्ण मंदिर), श्री दुर्गा मंदिर एवं प्राचीन शिव मंदिर।

जबलपुर शाखा धाम

लखराम बाग आश्रम

खितौला-सिहोरा, जिला जबलपुर (म.प्र.)

इतिहास एवं महत्व

भैया ढेलाराम जी की पवित्र भूमि, जिसका विकास महंत स्वामी श्री बम महादेव दास जी ने कराया। यहां भव्य सत्संग भवन एवं विशाल देवालय स्थापित हैं।

प्रतिष्ठित विग्रह एवं देवालय

भव्य विशाल हॉल, श्री दुर्गा जी, श्री लक्ष्मी-नारायण, श्री राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, राम-जानकी, हनुमान जी एवं विशाल शिवलिंग।